सुना हैं बहुत सारे लोगों से
जो दुनियावी हैं, दुनिया को जानते हैं
उसकी हर हरकत को पहचानते हैं,
वह कहते हैं कि मैंने नई कहानी नहीं लिखी
बल्कि पहले से लिखी गयी कहानियों से
टुकड़े - टुकड़े करके चुराया
और उन्हें एक जगह रख भर दिया है
प्रियतमे !
हमारा प्रेम बहुत सारी
कहानियों से चुराए गए टुकड़े मात्र है,
और वो तमाम टुकड़े वापस अपनी कहानियों में
लौट गए हैं,
अब उनमे दूसरे लोग जिएंगे
और वापस लौट जायेंगे
और जो ना लौट पाए वो खो जायेंगे